इन दिनों सेलिब्रिटी के फिटनेस शेड्यूल को फॉलो करने का ट्रेंड बढ़ रहा है। इसी ट्रेेंड का हिस्सा है बैटल रोप्स। फिट रहने की ये एक्टिविटी इन दिनों काफी पॉपुलर हो रही है। जिसे लड़के और लड़कियां दोनों फॉलो कर रहे हैं जानते हैं इसके बारे में...
क्या है बैटल रोप्स -
बैटल रोप्स रस्सियों के सहारे किया जाने वाला वर्कआउट है, जो एरोबिक का हिस्सा है। इसे हाई इंटेंसिटी वर्कआउट भी कहते हैं क्योंकि इसमें 10 कैलोरी प्रति मिनट बर्न की जा सकती हैं। इस वर्कआउट की मदद से मांसपेशियों को मजबूत किया जाता है। इसके लिए 50-100 फीट लंबी व इंच चौड़ी ये रस्सियां व्यक्तिके हृदय की कर्यक्षमता को भी बढ़ाने के साथ ही जोड़ों के दर्द में राहत देती है।
बैटल रोप्स रस्सियों के सहारे किया जाने वाला वर्कआउट है, जो एरोबिक का हिस्सा है। इसे हाई इंटेंसिटी वर्कआउट भी कहते हैं क्योंकि इसमें 10 कैलोरी प्रति मिनट बर्न की जा सकती हैं। इस वर्कआउट की मदद से मांसपेशियों को मजबूत किया जाता है। इसके लिए 50-100 फीट लंबी व इंच चौड़ी ये रस्सियां व्यक्तिके हृदय की कर्यक्षमता को भी बढ़ाने के साथ ही जोड़ों के दर्द में राहत देती है।
अधिक कैलोरी बर्न -
इन दिनों किए जाने वाले वर्कआउट में ये काफी बेहतर माना जाता है क्योंकि इससे कम समय में काफी कैलोरी बर्न की जा सकती है। ऐसे लोग घंटों काफी हार्ड वर्कआउट करते हैं उनके लिए ये फायदेमंद है।
इन दिनों किए जाने वाले वर्कआउट में ये काफी बेहतर माना जाता है क्योंकि इससे कम समय में काफी कैलोरी बर्न की जा सकती है। ऐसे लोग घंटों काफी हार्ड वर्कआउट करते हैं उनके लिए ये फायदेमंद है।
ये हैं फायदे -
इस वर्कआउट से फैट बर्न होने के साथ मांसपेशियां मजबूत होती हैं। कंधों व बाइसेप्स के आसपास मौजूद चर्बी हटाकर इन हिस्सों को मजबूत बनाते हैं।
इस वर्कआउट से फैट बर्न होने के साथ मांसपेशियां मजबूत होती हैं। कंधों व बाइसेप्स के आसपास मौजूद चर्बी हटाकर इन हिस्सों को मजबूत बनाते हैं।
ये रखें ध्यान -
अगर इसे पहली बार करने जा रहे हैं तो फिटनेस ट्रेनर की मदद लें ताकि इसे करने का सही तरीका मालूम हो।
इस व्यायाम को करते समय पीछे की ओर कभी भी अधिक न झुकें। इसे बैठकर भी कर सकते हैं।
रस्सी को बहुत मजबूती से न खींचें। लचीली वेव्स बनाने के लिए जरूरी है कि इसकी पकड़ ढीली हो।
जब इस व्यायाम को खड़े होकर करें तो ध्यान रखें कि हल्का सा ही आगे की ओर जरूर झुकें।
अगर इसे पहली बार करने जा रहे हैं तो फिटनेस ट्रेनर की मदद लें ताकि इसे करने का सही तरीका मालूम हो।
इस व्यायाम को करते समय पीछे की ओर कभी भी अधिक न झुकें। इसे बैठकर भी कर सकते हैं।
रस्सी को बहुत मजबूती से न खींचें। लचीली वेव्स बनाने के लिए जरूरी है कि इसकी पकड़ ढीली हो।
जब इस व्यायाम को खड़े होकर करें तो ध्यान रखें कि हल्का सा ही आगे की ओर जरूर झुकें।
कई तरह से करते वर्कआउट-
वेव : इसे करते समय रस्सियों से लहर बनाएं। इससे आपके बाइसेप्स मजबूत होंगे। लगातार रस्सी तेजी से हाथों-के ऊपर और नीचे होने के कारण इस अंग की मांसपेशियों में मजबूती आएगी।
स्लैम : रस्सी को सिर की ऊंचाई तक उठाना और फिर नीचे ले जाना। इससे एक लहर तैयार होगी। लेकिन इस दौरान ध्यान रखें कि पॉश्चर बेहतर होना चाहिए क्योंकि इसें शोल्डर, हाथ, पीठ और एब्स पर एकसाथ असर पड़ता है।
सर्किल : इसमें दोनों हाथों के बीच गैप बनाते हुए रस्सी को पकड़ें और एक सर्किल जैसा आकार बनाएं। इसे क्लॉक वाइस और एंटी-क्लॉकवाइस भी घुमा सकते हैं।
वेव : इसे करते समय रस्सियों से लहर बनाएं। इससे आपके बाइसेप्स मजबूत होंगे। लगातार रस्सी तेजी से हाथों-के ऊपर और नीचे होने के कारण इस अंग की मांसपेशियों में मजबूती आएगी।
स्लैम : रस्सी को सिर की ऊंचाई तक उठाना और फिर नीचे ले जाना। इससे एक लहर तैयार होगी। लेकिन इस दौरान ध्यान रखें कि पॉश्चर बेहतर होना चाहिए क्योंकि इसें शोल्डर, हाथ, पीठ और एब्स पर एकसाथ असर पड़ता है।
सर्किल : इसमें दोनों हाथों के बीच गैप बनाते हुए रस्सी को पकड़ें और एक सर्किल जैसा आकार बनाएं। इसे क्लॉक वाइस और एंटी-क्लॉकवाइस भी घुमा सकते हैं।
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