गजब! जोर से बोलकर पढ़ने से तेज होती है याददाश्त - Health Care Tips Hindi

गजब! जोर से बोलकर पढ़ने से तेज होती है याददाश्त

गजब! जोर से बोलकर पढ़ने से तेज होती है याददाश्त

 ज्यादातर लोगों को ये याद होगा कि बचपन में उनके पेरेंट्स कहते थे कि जोर-जोर से पढ़ों। आवाज ऊंची करके फिर कोई लेसन याद करो। दरअसल, जोर-जोर से कोई भी चीज पढ़ने से याददाश्त तेज होती है। हाल ही में हुई एक रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है कि तेज स्वर में बोलकर पढ़ने से याददाश्त तेज होती है।

रिसर्च में यह बात बताई गई कि जोर-जोर से बोलने और सुनने की दोहरी प्रक्रिया का याददाश्त पर पॉजिटिव इफेक्ट डालता है।

जोर-जोर से बोलने और फिर वही शब्द सुनने से वह चीजें जानी-पहचानी सी लगने लगती हैं और यही वजह है कि वह ज्यादा दिनों तक दिमाग में रहती है।

साथ ही उसकी इमेज भी ज्यादा दिनों तक दिमाग में बने रहने के चांसेस रहते हैं। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक कनाडा स्थित वाटरलू यूनिवर्सिटी के प्रो. कोलिन एम. मैकलियोड ने बताया कि रिसर्च में और भी कई चीजें पाई गई हैं।

एक्टिवनेस के कारण व्यक्ति में सीखने और किसी चीज को याद रखने का फायदा होता है। जब कोई व्यक्ति किसी भी चीज को ज्यादा एक्टिवनेस के साथ देखता या पार्ट लेता है तो वह ज्यादा समय तक उसके माइंड में याद रहता है। साथ ही वह मेमोरेबल बन जाता है।

शोधकर्ताओं ने चार तरीके से पढ़ने की प्रक्रिया की एनालिसिस करते हुए यह नतीजा निकाला है कि तेज आवाज में पढ़ने से याददाश्त तेज होती है।

इन चार तरीकों में शांत होकर पढ़ना, किसी को सुनाकर पढ़ना, पढ़कर रिकॉर्ड करके सुनना और जोर से पढ़ना शामिल किया गया था।

इसी के आधार पर निष्कर्ष निकाला गया कि जोर से पढ़ने का प्रभाव याददाश्त के लिए बेस्ट है। बता दें कि ये रिसर्च 'मेमोरी' मैग्जीन में प्रकाशित हुई थी।

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