कॉफी की खुशबू से ही स्नातक प्रबंधन प्रवेश योग्यता परीक्षा (जीमैट) के विश्लेषणात्मक भाग में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिल सकती है. एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है. 'जीमैट' बिजनेस स्कूलों में दाखिले के लिए कराई जाने वाली एक 'कंप्यूटर अनुकूली परीक्षा' है. अध्ययन का नेतृत्व करने 'स्टीवंस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' के प्रोफेसर एड्रियाना मजहारोव ने किया था.
इस अध्ययन में ना केवल खुशबू की ताकत को रेखांकित किया गया है बल्कि इससे होने वाली ज्ञान संबंधी वृद्धि से विश्लेषणात्मक कार्यों को करने में मिलने वाली मदद को भी जिक्र किया गया है. मजहारोव ने कहा, ''सिर्फ इतना नहीं है कि कॉफी जैसी खुशबू से लोगों को विश्लेषणात्मक कार्यों को बेहतर करने में मदद मिलती है, जोकि पहले ही काफी रोचक हैं. लेकिन इससे वे यह भी सोचते हैं कि वे बेहतर कर पाएंगे.''
उन्होंने कहा, ''हमने दिखाया कि यह उम्मीद (बेहतर कर पाने की) कम से कम आंशिक रूप से उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार होती है.'' यह अध्ययन 'जनरल ऑफ एनवायरमेंटल साइकोलॉजी' में प्रकाशित हुआ था.
from Zee News Hindi: Health News https://ift.tt/2uttRam