केस स्टडी एंड डॉक्टर्स ओपीनियन: हार्ट अटैक पूर्व फलती डायबिटिक की सांसें - Health Care Tips Hindi

केस स्टडी एंड डॉक्टर्स ओपीनियन: हार्ट अटैक पूर्व फलती डायबिटिक की सांसें

ईसीजी जांच कराने पर पता चला कि उन्हें हार्ट अटैक आया था

टाइप-2 डायबिटीज के एक 75 वर्षीय मरीज को 3 माह पहले मेरे पास लाया गया। असल में सांस फूलने की वजह से उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां ईसीजी जांच कराने पर पता चला कि उन्हें हार्ट अटैक का आया था। हालत में सुधार न होने पर उसे मेरे पास रेफर कर दिया गया। मैंने उसकी कोरोनरी एंजियोग्राफी कराई तो पता चला कि हृदय की मुख्य धमनी व अन्य तीन नसों में ब्लॉकेज से हार्ट के वॉल्व को ब्लड सप्लाई नहीं हो रहा था और हृदय 25 प्रतिशत ही काम कर रहा था। ऐसे में सांस फूलने से जान को खतरा देख बाइपास सर्जरी करना संभव नहीं था। इसलिए कोरोनरी एंजियोप्लास्टी की गई जिसमें पहले बैलून डालकर मुख्य धमनी को खोला, फिर स्टेंट को स्थायी रूप से फिक्स कर ब्लॉकेज खत्म किया ताकि रक्तसंचार सुचारू होकर मरीज को ऑक्सीजन मिले व सांस न फूले। हृदय पर दबाव न बढ़े इसलिए तीन ब्लॉक धमनियों में से दो को खोला। सर्जरी के बाद पल्स रेट सामान्य होने के बाद उसे वेंटीलेटर से हटाया। एंजियोप्लास्टी के दो दिन बाद हालत में सुधार होते ही तीसरे दिन डिस्चार्ज कर दिया गया। एक माह बाद उसकी तीसरी नस को खोलकर सही किया गया। फिलहाल वह स्वस्थ है।
डॉ. रविन्द्र सिंह राव, हृदय रोग विशेषज्ञ



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