हृदय रोग : हृदय रोग कारण, सावधानी, घरेलु इलाज और
दिल के इलाज के बाद देखभाल
विश्व में सबसे
ज्यादा जिन बीमारियों
से मौत होती
है वह है,
हृदय रोग की
बीमारी। भारत में
प्रति वर्ष 2.5 लाख
लोग हृदयघात का
शिकार हो जाते
है।
उच्च रक्तचाप:-
एक स्वस्थ पुरूष का
औसत रक्तचाप 150/90 के
आसपास और एक
स्त्री का रक्तचाप
120/80 के आसपास होना चाहिए।
इससे थोड़ा-सा
भी ज्यादा होने
पर स्टोक का
50 प्रतिशत मामला बढ़ जाता
है।
शुगर पर नियंत्रण:-
शुगर पर नियंत्रण
करके हृदय रोग
और स्टोक की
संभावना से बचना
जा सकता है।
बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॅाल:-
अनियमित एवं असंतुलित
आहार की वज़ह
से शरीर में
कोलेस्ट्रॅाल की मात्रा
बढ़ जाती है,
जो हृदयघात उत्पन्न
होता है। खून
में कोलेस्ट्रॅाल की
मात्रा को नियंत्रण
करने के लिए
सिर्फ दवा से
ही काम नहीं
चलता, बल्कि इसके
साथ-साथ व्यायाम
व सही खाद्य
पदार्थो के चुनाव
की भी आवश्यकता
होती है।
आनुवंशिकी:-
यदि
किसी के माता-पिता को
हृदय से संबंधित
रोग हुआ है
तो बच्चे को
आनुवंशिकी हो सकता
है।
तनाव:-
बढ़ती हुई प्रतिस्पर्धा,
लक्ष्यहीन अंधी दौड़
और मानसिक तनाव,
तनाव को पैदा
करती है। तनाव
को कम करने
के लिए जीवनशैली
में बदलाव लाएं।
सुबह-शाम टहलिए,
वहां थोड़ा समय
निकाल कर बैठिए।
हरे पत्तों का
हिलना, चिड़ियों का चहकना,
तितलियों का उड़ना
निहारिए। आप देखेंगे,
आपका तनाव अपने
आप कम होने
लगेगा।
धूम्रपान:-
धूम्रपान में पाए
जाने धुए में
जहरीले तत्व होते
है, जो हृदय
की मांसपेशियों को
नुकसान पहुंचाते है। इससे
कोरोनरी रक्त नली
में चर्बी जमा
होते है। जिससे
रक्त की नलियों
में सिकुड़न आ
जाती है।
खानपान:-
अधिक तेल मसाला
का नियमित सेवन
करने से हृदय
रोग की संभावना
बढ़ जाती है।
खाने में केला,
चीकू व अंगूर
को बिलकुल न
लें। अपने आहार
में खीरा, मूली,
टमाटर, प्याज व लहसुन
का प्रचुर मात्रा
में सेवन करें।
पत्तेदार हरी सब्जी,
पालक, सरसों, कोलमी,
पोई, चैलाई, सोवा
मेथी आदि लें।
आरामतलब:-
व्यायाम, अनिंद्रा आदि की
तकलीफ होने से
हृदय रोक की
बीमारी हो सकती
है।
बढ़ती उम्र:-
एजिंग प्रोसेस, बढ़ती उम्र
में एथेरेस्क्लेरोसिर की
वज़ह से हृदय
रोग की संभावना
बढ़ जाती है।
वजन पर कंट्रोल रखें:-
लंबाई के अनुसार
अपने वजन को
संतुलित रखें। अधिक वजन
से की वज़ह
से हृदय को
नार्मल वजन वालों
से अधिक काम
करना पड़ता हे।
जिससे हृदय पर
जोर पड़ता है,
जो कि खतरनाक
होता है।
सुबह की सैर:-
हृदय को स्वस्थ
रखने के लिए
सुबह-शाम टहलना
जरूरी है। एक
से डेढ़ घंटा
सुबह और आधा
घंटा शाम को
टहलने से शरीर
के अंगों को
फायदा मिलता है।
पानी:-
पानी खूब पीएं।
रोज सुबह मुंह
साफ करने के
बाद कम से
कम 3 गिलास पानी
पीना स्वास्थ्य के
लिए अच्छा होता
है। कमजोर हृदय
वालों के दिनभर
में डेढ़-दो
लीटर से अधिक
पानी नहीं पीना
चाहिए।
शराब न पीये:-
कुछ लोगों का मानना
है कि शराब
स्वास्थ्य के लिए
लाभदायक होता है।
यह उनका भ्रम
है। शराब हृदय
की मांसपेशियों को
कमजोर बना देता
है। इसलिए शराब
को सेवन नहीं
करना चाहिए।
दिल के इलाज के बाद
- दिल के किसी भी तरह के इलाज के बाद विशेष देखभाल की जरूरत होती है। कार्डियल रीहैब्लीटेशन दिल के रोगों के इलाज के बाद मरीज को पुनः सामान्य अवस्था में लाने वाला एक प्रोग्राम है।
- ऐरोबिक एक्सरसाइज हृदय की मांसपेशियों को मजबूत कर हृदय की क्षमता को बढ़ाते है। इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में अॅाक्सीजन मिलता है। इसे क्षतिग्रस्त मांसपेशियां शीघ्र ही ठीक हो जाती है।
- पैदल चलना, दौड़ना, साइकल चलाना, नाव चलाना, मशीर पर दौड़ना, सांस के व्यायाम करना ठीक होता है।
- एक्सरसाइज पहले धीमी गति से प्रांरभ करे। फिर धीरे-धीरे गति को बढ़ाएं व अपने शारीरिक क्षमता के अनुसार सक्रिय हो।
- एक्सरसाइज के वक्त अपने हृदय के रक्तचाप पर भी ध्यान रखें।
- सभी कसरत फिजियोथेरिपिस्ट के देखभाल में करना चाहिए।
- नियमित एक्सरसाइज से हृदय की मांसपेशियों में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है। हृदय के पम्प करने की क्षमता बढ़ जाती है।
- एक्सरसाइज से रक्त का थक्का नहीं बनता है। हानिकारक वसा भी कम होता है। रक्तचाप भी सामान्य बना रहता है।
इलाज से ज्यादा रोकथाम जरूरी
आजकल हृदय
रोग को दूर
करने के लिए
अनेक दवाएं आ
गयी है। हृदय
की सर्जरी भी
उपलब्ध है। इससे
अधिक यदि अपने
आप पर ध्यान
दें और हृदय
रोग को उत्पन्न
होने ही मत
दें। यह अधिक
उचित होता है,
यानी इलाज से
ज्यादा उसकी रोकथाम
जरूरी है।
देखा गया है
कि निगेटिव सोचें
कई तरह की
कॅाडियोवैस्कुलर डिजीज के चांस
को बढ़ा कर
और ज्यादा बिगाड़
सकती है। जबकि
पॅाजिटिव सोच और आशावादी
नज़रिया दिल को
राहत पहुंचाती है।
किसी हिल स्टेशन
पर जाकर छुट्टियां
बिताना या गर्मी
के मौसम में
ठंडे पानी में
तैराकी करना आदि
ऐसी चीज़ें हैं,
जो खुशी देती
है और बाद
में याद कर
अच्छा महसूस किया
जा सकता है।
अपने खुशगवार पलों को
किसी डायरी में
नोट करें, जिन्हें
बाद में पढ़कर
आप खुश हो
सकते है।
ऐसे जॅाब चुनें,
जिसे करने से
आपकी व्यक्तिगत रूप
से मजा आएं।
जैसे अगर आप
को मैनेज करने
की प्रतिभा रखते
हैं और आप
एकाउंट डिपार्टमेंट में काम
करते है तो
रिक्वेट करके अपना
ट्रांसफर एचआरडी डिपाटमेंट में
करवा लें।
ऐसे काम करें,
जो आपकी जिंदगी
में रंग भरने
में मदद करें।
यह धर्म, प्रकृति
या किसी क्षेत्र
से जुड़ा हो
सकता है। जो
भी तरकीब आजमाएं,
आपका मकसद होना
चाहिए निगेटिव एहसास
को खुद सू
दूर भगाकर अपनी
सोच को पॅाजिटिव
रखना।
