लाल दाग, जोड़ों में सूजन हाे सकते हैं ब्लीडिंग डिसऑर्डर के लक्षण, सही समय पर इलाज जरूरी - Health Care Tips Hindi

लाल दाग, जोड़ों में सूजन हाे सकते हैं ब्लीडिंग डिसऑर्डर के लक्षण, सही समय पर इलाज जरूरी




लाल दाग, जोड़ों में सूजन, दर्द, हल्की-सी चोट लगने पर, दांत या नाक से खून बहना, खांसी या पेशाब के साथ रक्तस्राव जैसे लक्षणों में तुरंत रक्त रोग विशेषज्ञ से जांच करवानी चाहिए क्याेंकि ये ब्लीडिंग डिसऑर्डर के लक्षण हाे सकते हैं। इसके लिए रक्त विशेषज्ञ सबसे पहले स्क्रीनिंग टेस्ट करते हैं, जिसमें दो मुख्य परीक्षण होते हैं -

कम्प्लीट हीमोग्राम
इसमें प्लेटलेट काउंटिंग सही है या नहीं, यह जाना जाता है। प्लेटलेट काउंटिंग कम होने पर त्वचा के नीचे से या नाक, मुंह, दांतों से रक्तपात हो सकता है। कई बार प्लेटलेट गिनती में तो पर्याप्त होते हैं लेकिन उनकी गुणवत्ता में कमी भी हो सकती है, लेकिन इसका पता अगली जांच से ही चल सकता है।
बोनमैरो टेस्ट
प्लेटलेट काउंट कम है तो कारण जानने के लिए बोनमैरो टेस्ट किया जाता है। इसमें कमर के पास रीढ़ की हड्डी से अस्थिमज्जा का नमूना लेकर उसकी जांच की जाती है और बीटी, पीटी परीक्षण किए जाते हैं। फिर विशेषज्ञ मरीज को इलाज की सलाह देते हैं।
क्या है ब्लीडिंग डिसऑर्डर
रक्तस्राव विकार अक्सर ब्लड क्लाॅट के न जमने के कारण होता है। क्लाॅट बनने के लिए हमारे शरीर को रक्त प्रोटीन ( क्लाॅटिंग फेक्टर) अाैर ब्लड सैल ( प्लेटलेट्स ) की आवश्यकता हाेती है। अामतौर पर शरीर में चाेट लगने पर जब रक्तस्राव होता है तो रक्त प्रोटीन अाैर ब्लड सैल मिलकर खून का धक्का जमा देती हैं। जिससे खून बहना बंद हो जाता है। लेकिन ब्लीडिंग डिसऑर्डर में क्लाॅटिंग फेक्टर अाैर प्लेटलेट्स सही से काम नहीं कर पाते जिसकी वजह से खून बहना बंद नहीं होता है।
क्या है कारण
- लाल रक्त कणिकाओं की कमी के कारण ब्लीडिंग डिसऑर्डर हाे सकता है।
- विटामिन K की कमी से भी यह रोग हो सकता है।
- कभी-कभी कुछ दवार्इयों से एलर्जी के कारण भी यह समस्या उत्पन्न हो जाती है।
क्या है नुकसान
ब्लीडिंग डिसऑर्डर की समस्या होने पर राेगी के कभी भी खून बहना शुरू हो सकता है अाैर जिसकी वजह से उसकी जान को भी खतरा हाे सकता है।


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