नीम के सौ चमत्कारी गुण, लाख दुखों की एक दवा - Health Care Tips Hindi

नीम के सौ चमत्कारी गुण, लाख दुखों की एक दवा

 

नीम के सौ चमत्कारी गुण, लाख बीमारी की एक दवा


नीम का पेड़ बहुउपयोगी है. इसकी पत्ती, फल, डंडियो और छाल हर चीज फायदेमंद होती है. इसका स्वाद कड़वा होता है, लेकिन ये उतना ही गुणकारी भी है. चरक संहिता और सुश्रुत संहिता जैसे प्राचीन चिकित्सा ग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है. नीम की एक पत्ती में 150 से अधिक रासायानिक गुण होते है. एक शोध में पता चला है कि नीम में प्रोटीन होता है जो खून में मौजूद कैंसर के जीवाणु को खत्म करने में सहायक होता है. नीम का जूस सुबह के समय लेने से शरीर में मौजूद सभी विषेले पदार्थ बाहर निकल जाते है.

- नीम का जूस खून को साफ करता है. यह रक्त धमनियों में कचरा इक्कठा नहीं होने देता है जिससे रक्त का प्रवाह शरीर में सही तरीके से होता रहता है नीम का जूस रोज पीने से शरीर में खून की मात्रा भी बढ़ती है.

- नीम में पाया जाने वाला तत्व ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है. यह तत्व शरीर में इंसुलीन की मात्रा को बढ़ाता है जो शरीर में ब्लड शूगर को कंट्रोल करता है.

- नीम के नियमित सेवन से वजन कम होता है. यह शरीर के मेटापोलिज्म को नियत्रिंत करता है जिससे खाना फैट में नहीं बदलता है.

 - नीम के दातुन करने से दांत व मसूढ़े मजबूत होते है और दांतों में कीड़े नहीं लगते है. नीम में मौजूद इंटीवैक्टीरिया तत्व दांतों से जुड़ी सारी परेशानी को दूर कर देती है. इससे दांत मजबूत व चमकदार होते है.

- नीम की पत्ती को चबाने से या पत्ती को पानी में उबालकर ठंडा करके कुल्ला करने से, नीम के दातुन से मुंह में दुर्गंध आनी बंद हो जाती है.

- शरीर में कई तरह के इंफेक्शन हो जाते है. फंगस के कारण भी इंफेक्सन होता है. नीम के छाल को जलाकर उसकी राख को तुलसी के पत्ते के रस के साथ मिलाकर लगाने से दाग और चर्म रोग ठीक होते है.

- नीम के तेल में कपूर मिलाकर फोड़ा-फुंसी व घाव पर लगाने से फायदा होता है.

- नीम के पानी से स्नान करने से चर्म रोग में लाभ होता है.

- चेचक होने पर रोगी को नीम की पत्तियां बिछाकर उस पर लिटाने से शरीर में ठंडक रहती है.

- नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी से स्नान करने से चेचक में लाभ होता है. इससे चेचक के विषाणु खत्म होते है.

- नीम के तेल से मालिश करने से विभिन्न प्रकार के चर्म रोग ठीक हो जाते हैं.

- नीम के बीजो के चूर्ण बनाकर इसे खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लेने से बवासीर में फायदा होता है.

- चूर्ण को रात में सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ लेने से कब्ज की शिकायत दूर होती है और आतें मजबूत होती है.

- नीम का फूल और निबोरियां खाने से पेट के रोग नहीं होते हैं. पेट में जलन, अल्सर, गैस जैसी शिकायत होने पर नीम का पानी पीने से लाभ होता है.

- यूरिन इंफेक्शन होने पर नीम की पत्तियों को खाली पेट चबाना चाहिए इससे जल्दी आराम मिलता है.

- नीम की पत्तियों को जलाकर छुंआ करने से मच्छर नष्ट होते है. यह मलेरिया के मच्छरों को पनपने नहीं देता है.

- नीम के तेल का दिया जलाने से मच्छर भाग जाते है और डेंगू, मलेरिया जैसे रोगों से बचाव होता है.

- गर्मियों में लू लगने पर नीम की पत्ति, छाल, फूल, फल, और जड़ को मिलाकर चूर्ण बना लें. इस चूर्ण को पानी मंे मिलाकर पीने से लू का असर कम होता है.

- आंख आने पर नीम की पत्तियों का रस आंखों में डालने से यह जल्दी ठीक हो जाती है.

- नीम की पत्तियों का रस और शहद को मिलाकर पिलाने से पीलिया रोग में लाभ होता है.

- बिच्छू के काटने पर नीम की पत्ती का रस लगाने से जलन कम होती है और जहर का असर भी कम होता है.

- गठिया के सूजन पर नीम तेल से मालिश करने से आराम मिलता है.

- नीम के पत्तो को सूखाकर गेंहू, चावल, दाल में रखने से कीड़े नहीं लगते है.

- नीम की पत्तियों को पीसकर एक कप पानी में मिलाकर पिलाने से हैजा ठीक हो जाता है.

- आग से जले घाव पर निबोरी यानी नीम फल के तेल लगाने से जल्दी ठीक होते है.

- नीम की जड़ को पानी में उबालकर पीने से बुखार दूर हो जाता है.

- नीम केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं सौंदर्य के लिए भी काफी फायदे मंद है. इसके पत्तों को पीस कर बालों में लगाने से बालों का झड़ना रूक जाता है और बाल स्वस्थ होते है. नीम की पत्ती को पानी में उबाल कर इसे ठंडा कर लें. अब इस पानी से बालों को घोने से बाल काले, घने और मजबूत होते है. नीम जूस पीने से त्वचा कांतिमय बनी रहती है. इसका लेप मुंहासे व दाग-दब्बो को दूर करता है.

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