मानसून की बारिश गर्मी से राहत देने के साथ ही कई बीमारियां भी लेकर आता है। मानसून के मौसम में बारिश होने के साथ ही वातावरण में नमी आ जाती है। नमी के कारण बैक्टीरिया की संख्या काफी बढ़ जाती है, जिसकी वजह से स्किन इंफेक्शन समेत कई बीमारियां होने के चांसेस हो जाते हैं।

बारिश के मौसम में अगर थोड़ी सी भी लापरवाही हो जाए तो इंफेक्शन बहुत जल्दी फैल जाता है।
ऐसे में बारिश के मौसम में बहुत ध्यान रखने की जरूरत होती है, जिससे किसी भी तरह का कोई इंफेक्शन न हो और आप स्वस्थ रहें।
रखें इन बातों का ध्यान
बारिश के पानी में भीगने के बाद ज्यादा देर तक गीले न रहें।
भीगने के बाद तुरंत कपड़ा बदल लें।
गीले कपड़े ज्यादा देर तक न पहनें।
जून, जुलाई, अगस्त इन तीन महीनों में ज्यादा सावधानी बरतें।
पैरों की उंगली के बीच में नमी के कारण इंफेक्शन होता है। ध्यान रहे कि उसमें नमी न हो।
इस दौरान दाद, खाज, खुजली की समस्या होती है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
त्वचा पर हुए किसी भी तरह के दाने या फोड़े-फुंसी को नजरअंदाज न करें।
इस मौसम में खुद को ज्यादा साफ-सुथरा रखें।
खुजली या स्किन से जुड़ी दूसरी समस्या होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
बारिश के मौसम में एंटी बैक्टीरियल साबुन का ही इस्तेमाल करें।
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बारिश के मौसम में अगर थोड़ी सी भी लापरवाही हो जाए तो इंफेक्शन बहुत जल्दी फैल जाता है।
ऐसे में बारिश के मौसम में बहुत ध्यान रखने की जरूरत होती है, जिससे किसी भी तरह का कोई इंफेक्शन न हो और आप स्वस्थ रहें।
रखें इन बातों का ध्यान
बारिश के पानी में भीगने के बाद ज्यादा देर तक गीले न रहें।
भीगने के बाद तुरंत कपड़ा बदल लें।
गीले कपड़े ज्यादा देर तक न पहनें।
जून, जुलाई, अगस्त इन तीन महीनों में ज्यादा सावधानी बरतें।
पैरों की उंगली के बीच में नमी के कारण इंफेक्शन होता है। ध्यान रहे कि उसमें नमी न हो।
इस दौरान दाद, खाज, खुजली की समस्या होती है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
त्वचा पर हुए किसी भी तरह के दाने या फोड़े-फुंसी को नजरअंदाज न करें।
इस मौसम में खुद को ज्यादा साफ-सुथरा रखें।
खुजली या स्किन से जुड़ी दूसरी समस्या होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
बारिश के मौसम में एंटी बैक्टीरियल साबुन का ही इस्तेमाल करें।
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