यूनानी चिकित्सा पद्धति में खमीरा अबरेशम हकीम अर्शदवाला एक ऐसी दवा है जो ब्लड प्रेशर, लंबी बीमारी के बाद व बुजुर्ग व्यक्तियों को होने वाली शारीरिक कमजोरी, हृदय की धड़कनों को नियमित करने, दिल व दिमाग की कमजोरी को दूर करने के लिए प्रयोग की जाती है। यह दवा जड़ी-बूटियों से मिलकर बनी होती है जो चटनी के रूप में तैयार की जाती है। रोगियों को यह दवा नाश्ते के बाद 3 - 6 ग्राम की मात्रा में लेनी होती है। इस दवा का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता और ये दवा लंबे समय तक ली जा सकती है। यह गीली चटनी जैसी होती है जो स्वाद में मीठी होती है।
तासीर होती है गर्म
आमतौर पर यह दवा मरीज को 2-3 माह तक लेनी होती है लेकिन सुधार न होने पर इलाज लंबा भी चल सकता है। यह बच्चों को नहीं दी जाती क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है। इसकी जगह पर उन्हें खमीरा अबरेशम सादा दी जाती है क्योंकि यह पचने में आसान होती है।
नोट: दवाओं का प्रयोग डॉक्टरी सलाह से करें।
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