यूं तो हम सदियों से जानते हैं कि मां की लोरी में ऐसा जादू है जिसे सुनकर बच्चे सब कुछ भूल कर सपनों की दुनिया में खो जाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि लोरी से न सिर्फ बच्चे अच्छी नींद ले पाते हैं, बल्कि इससे उन्हें अपना दर्द कम करने और दिल की धड़कनों को नियंत्रण में रखने में मदद मिलती है। वैज्ञानिकों ने पाया कि युवाओं में भी लोरी की मदद से हार्ट रेट और दर्द में कमी आती है।
शोध में पता चला कि एक हफ्ते से भी कम उम्र के बच्चों में भी लोरी के सकारात्मक प्रभाव देखने को मिले हैं। मां की लोरी सुनकर ऐसे शिशुओं के दर्द में भी कमी आई, जो हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए अस्पताल में भर्ती थे।
बच्चे रहते हैं रिलेक्स -
आत्मा तक पहुंचने वाली आवाज से बच्चों का ध्यान अपनी परेशानियों से हट जाता है, जिससे वह रिलेक्स रहते हैं
किस्से-कहानियों, तस्वीरें दिखाना और जानवरों की आवाज का कोई प्रभाव शिशुओं पर नहीं होता है।
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