दौड़-भाग भरी इस जिंदगी में हम कभी सुख का अनुभव करते हैं तो कभी दुख का। ये सुख-दुख व्यक्ति की सकारात्मक एवं नकारात्मक सोच के अनुसार पैदा होते हैं। यही सोच जब नकारात्मक विचारों में बदलती है तो हमें अनेक प्रकार के मनोरोग होने लग जाते हैं, इनमें प्रमुख है डिप्रेशन की बीमारी। नकारात्मक सोच रखने वाले लोग सबसे जल्दी डिप्रेशन का शिकार होते हैं।
प्रमुख लक्षण -
नींद न आना, भूख न लगना, नकारात्मक सोच का हावी होना, उदास रहना, हीनभावना आना, याददाश्त व एकाग्रता में कमी, अकेलापन महसूस होना, छोटी-छोटी बातों में चिड़चिड़ापन, स्त्रियों के मासिक धर्म में अनियमितता, जोड़ों में दर्द आदि।
डिप्रेशन दूर भगाएं -
डिप्रेशन की समस्या से पीड़ि हैं तो नियमित रूप से व्यायाम करें, सही समय पर सोएं, अपने दुखों को परिवार या साथियों के साथ बांटें, नियमित व संतुलित आहार खाएं और किसी भी प्रकार का नशा न करें। मनोचिकित्सक द्वारा बताई गई दवाइयों को नियमित रूप से लेते रहें।
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