जयुपर. खराब जीवनशैली का प्रभाव दांतों पर भी पड़ता है। हैल्दी खानपान, देर रात खाना और खाने के बाद दांतों की सफाई न करना दांतों व मुंह संबंधी बीमारियों को बुलावा देता है। दांतों की सही सफाई न होने पर दांतों पर परत जम जाती है, जिसमें बनने वाला बैक्टीरिया टॉक्सिन दांतों को नुकसान पहुंचाता है। दांतों में फंसा हुआ खाना बैक्टीरिया सल्फर कंपाउंड बनाता है, जिससे सांस में बदबू हो जाती है। यह बदबू मुंह के अंदर, जीभ के पीछे वाले हिस्से और मसूड़ों के निचले हिस्से में बनती है।
इसलिए आती है दुर्गंध
रात्रि के खाने के बाद ब्रश न करने से खाना दांतों में फंसा रह जाता है। इसके दो घंटे बाद सलाइवा के साथ मिलकर सडऩे लगता है। इससे मुंह से दुर्गंध आती है। लंबे समय तक ऐसा होने से मुंह में संक्रमण, छाले भी बनते हैं। दांतों को स्वस्थ रखने के लिए तम्बाकू, पान-मसाला, गुटखा और सुपाड़ी खाने वालों को छोडऩा होगा। इनमें पाए जाने वाले केमिकल दांतों व मसूड़ों को कमजोर करते हैं। इस वजह से दांतों में दर्द, सडऩ और दुर्गंध की समस्याएं तेजी से बढ़ती है।
दांतों के लिए ठीक नहीं जंकफूड
बच्चों को पिज्जा, चॉकलेट, आइसक्रीम और चाउमीन जैसे फास्ट फूड खिलाना भी कई तरह की बीमारियों को बुलावा देता है। मधुमेह के रोगियों को खास दांतों का ध्यान रखना चाहिए। अगर शुगर नियंत्रित नहीं है तो दांतों के साथ मसूड़ों पर भी बुरा असर पड़ता है, जिससे मसूड़ों के खिसकने, संक्रमण और जीभ में जलन होने जैसी दिक्कतें होती हैं।
शिशु के मसूड़े साफ करें
नवजात के मसूड़ों की सेहत का खयाल रखना चाहिए। उन्हें ओरल कैविटी हो सकती है। मसूड़ों की नियमित सफाई न करने से दांतों में कीड़े लगने का खतरा रहता है।
नियमित मसूड़ों की मालिश
आधा चम्मच में दो बूंद सरसों के तेल व नमक की मालिश करें। 2-3 मिनट बाद गर्म पानी से कुल्ला करें। इससे दांतों का पीलापन भी कम होगा।
- डॉ. शर्मिष्ठा विजय, एसोसिएट प्रोफेसर, राजकीय दंत महाविद्यालय, जयपुर
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