
गोभी, पत्तागोभी या ब्रोकोली खाने के नाम पर नाक-भौं सिकोड़ने वाले लोग जरा गौर फरमाएं। ब्रिटेन स्थित फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट के हालिया अध्ययन में इन हरी सब्जियों को आंत के कैंसर से बचाव में कारगर करार दिया गया है।
ट्यूमर का खतरा घटाए
- शोधकर्ताओं के मुताबिक गोभी, पत्तागोभी और ब्रोकोली के पचने की प्रक्रिया में आंत में 'एरिल हाइड्रोकार्बन रिसेप्टर (एएचआर)' नाम का प्रोटीन सक्रिय हो जाता है। यह प्रोटीन न सिर्फ कोशिकाओं में सूजन और जलन की समस्या घटाता है, बल्कि ट्यूमर पनपने की आशंका में भी कमी लाता है। क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत कर पोषक तत्व सोखने की उनकी क्षमता बढ़ाने और हानिकारक तत्वों से बचाने वाली खास झिल्ली बनाने में भी इसकी भूमिका काफी अहम पाई गई है। कैंसर कोशिकाओं के विभाजन पर लगाम लगाने में भी एएचआर खासा मददगार है।
स्टेम सेल की सुरक्षा में सक्षम
- मुख्य शोधकर्ता डॉक्टर गिट्टा स्टॉकिंगर की मानें तो गोभी, पत्तागोभी और ब्रोकोली में 'इंडोल-3-कार्बिनॉल' की मौजूदगी भी दर्ज की गई है। यह रसायन आंत की बाहरी परत के पुनर्निर्माण में मददगार स्टेम कोशिकाएं की सुरक्षा करने के लिए जाना जाता है। चूहों पर अध्ययन के दौरान इसे प्रतिरोधक तंत्र की कोशिकाओं को कैंसर सेल के खात्मे की ताकत दिलाने में अहम किरदार निभाते देखा गया है। खास बात यह है कि शरीर में 'इंडोल-3-कार्बिनॉल' की आपूर्ति गोभी, पत्तागोभी और ब्रोकोली चबाने के साथ ही शुरू हो जाती है। अध्ययन के नतीजे 'जर्नल इम्युनिटी' के हालिया अंक में प्रकाशित किए गए हैं।
अखरोट भी कम फायदेमंद नहीं
- रोज सुबह मुट्ठी भर अखरोट का सेवन आंत के कैंसर को दूर रखने में मददगार है। मई 2018 में इलिनॉयस यूनिवर्सिटी की ओर से जारी एक अध्ययन में यह दावा किया गया था। शोधकर्ताओं के मुताबिक अखरोट में मौजूद फाइबर एक तरफ आंत में 'गुड बैक्टीरिया' की संख्या बढ़ाता है तो दूसरी ओर पित्त व अमलों का उत्पादन घटाता है। इससे आंत की कोशिकाओं में सूजन और जलन की समस्या कम होने के साथ ही कैंसर का खतरा टलता है।
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