हेल्थ के मामले में महिलाएं बहुत सेंसिटिव होती हैं। महिलाओं की कुछ हेल्थ प्रॉब्लम्स ऐसी होती हैं, जिन्हें वह किसी से शेयर करने से कतराती हैं। या यूं कह लीजिए कि महिलाओं को अपनी ये हेल्थ प्रॉब्लम्स शेयर करने में शर्म आती हैं। आप सोच रहे होंगे कि हेल्थ प्रॉब्लम्स शेयर करने में आखिर ऐसी क्या दिक्कत है।
पीरियड्स महिलाओं को हर महीने होने वाला नेचुरल प्रॉसेस है। एक ऐसा प्रॉसेस जिसके बारे में हर किसी को मालूम है। लेकिन इसके बाद भी कुछ महिलाएं पीरियड्स के बारे में खुलकर बातें नहीं करती हैं।
ऐसे में जरा सोचिए कि अगर महिलाएं पीरियड्स के बारे में बातें नहीं करती हैं तो इससे भी पर्सनल हेल्थ प्रॉब्लम्स को शेयर कैसे करेंगी। जानें ऐसी कौन सी हेल्थ प्रॉब्लम है, जिसे महिलाएं किसी से शेयर नहीं करना चाहती।
प्राइवेट पार्ट
जब महिलाओं के शरीर की पीएच लेवल बिगड़ता है तो वेजाइना में बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं। बैक्टीरिया बढ़ने की वजह से प्राइवेट पार्ट से बैड स्मेल आने लगती हैं। इस प्रॉब्लम को सीरियस न लेते हुए किसी से इसका जिक्र नहीं करती हैं। इसके कारण गर्भपात तक की समस्या हो सकती है।
रोमांस में कमी
ज्यादातर महिलाएं सेक्स या रोमांस के बारे में बात करने से कतराती है। मेडिकल साइंस में यौन इच्छा में कमी को 'हाइपोएक्टिव यौन इच्छा विकार' (HSDD) कहते हैं। ऐसा होना लाजमी है लेकिन यह हार्मोनल इम्बैलेंस के कारण भी हो सकता है। इसके बारे में महिलाएं खुलकर बात नहीं करती।
पेट की समस्या
कुछ लोगों को पॉटी करते समय दिक्कत होना, दर्द होना, खून आना जैसी समस्या होती है। लेकिन महिलाएं इस बारे में बात करने से कतराती हैं। लेकिन ये लक्षण पाचन तंत्र खराब होने के हो सकते हैं।
निपल्स में चेंजेस
ज्यादातर महिलाएं काम और घर की जिम्मेदारी के चलते अपने ब्रेस्ट पर ज्यादा ध्यान नहीं देती हैं। ऐसे में अगर निपल्स में बदलाव पर उनका ध्यान नहीं जाता। अगर उन्हें यह बदलाव नजर भी आता है तो वह उसे नजरअंदाज कर देती हैं और इस बारे में बात नहीं करना चाहती। ब्रेस्ट या निपल्स में बदलाव ब्रेस्ट कैंसर का कारण बन सकते हैं।
ज्यादा पसीना आना
महिलाएं ज्यादा पसीना आने की समस्या को नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि ज्यादा पसीना आना भी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसा हाइपरहिड्रोसिस के कारण होता है।
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