
स्वस्थ आहार लेने, कम शराब पीने और व्यायाम के जरिये कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है. यह बात एक अध्ययन में कही गई है. न्यूट्रीनेट-सान्टे अध्ययन से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह अनुसंधान किया गया है. इसका प्रकाशन 'कैंसर रिसर्च' जर्नल में किया गया है. इस अध्ययन में 40 वर्ष या उससे अधिक आयु के 41,543 लोगों के आंकड़े को शामिल किया गया है. अध्ययन की शुरुआत तक इन लोगों के कभी कैंसर से पीड़ित होने का कोई रिकॉर्ड नहीं था.
फ्रांस के पेरिस 13 विश्वविद्यालय के बर्नार्ड श्रोअर ने कहा, "वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड/अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च (डब्ल्यूसीआरएफ/एआईसीआर) का अनुमान है कि विकसित देशों में पौष्टिक आहार लेकर स्तन कैंसर को 35 और कोलेस्ट्रॉल कैंसर को 45 प्रतिशत तक रोका जा सकता है. "
डब्ल्यूसीआरएफ/एआईसीआर के मुताबिक लोगों को अधिक मात्रा में साबुत अनाज, फल, सब्जियां और बीन्स खाना चाहिए. उसके मुताबिक हमें फास्ट फू़ड, लाल और प्रसंस्करित मांस, शराब और शर्करा वाले पेय पदार्थ सीमित मात्रा में लेना चाहिए.
विटामिन थेरेपी कम कर सकती है त्वचा कैंसर का खतरा
वैज्ञानिकों के अनुसार विटामिन बी3 के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली थेरेपी संभवत: मेलेनोमा नामक घातक त्वचा कैंसर के खतरे को कम कर सकती है. इन वैज्ञानिकों में भारतीय मूल का एक वैज्ञानिक भी शामिल है. ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि निकोटिनामाइड, डीएनए में हुई क्षति, सूजन और पराबैंगनी विकिरण की वजह से कम हो रही रोग-प्रतिरोधक क्षमता घटाने और उसे उलटने में मदद कर सकता है.
शोधकर्ताओं ने कहा कि डॉक्टर की सलाह पर हर दिन एक ग्राम निकोटिनामाइड लेने पर इसका प्रति माह खर्च 10 अमेरिकी डॉलर आता है. उन्होंने कहा कि मेलेनोमा की रोकथाम के लिए इसकी क्षमता तथा सुरक्षा को निर्धारित करने के लिए यादृच्छिक प्लेसबो नियंत्रित परीक्षण अब जरूरी है.
पराबैंगनी विकिरण (यूवीआर) मेलेनोसाइट्स में डीएनए को क्षति पहुंचाता है. शोधकर्ताओं ने बताया कि निकोटीनमाइड (विटामिन बी 3) डीएनए की क्षति को ठीक करता है, यूवीआर द्वारा जो सूजन होती है उसे नियंत्रित करता है और यूवी किरणों से रोग-प्रतिरोधक क्षमता में आने वाली गिरावट को कम करता है.
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